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इशारे मेरे

Trishika Srivastava

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            क्यों समझते नहीं तुम इशारे मेरे
        
                                                    
                            
बिन रसम, बिन वचन बन गये हम तेरे
जिसका श्यामल सा आनन मुझे भा गया
संग उसके ही लूँगी मैं सातों फेरे
— त्रिशिका धरा
2 घंटे पहले
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Sanjai kumar

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