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इशारे मेरे

                
                                                         
                            क्यों समझते नहीं तुम इशारे मेरे
                                                                 
                            
बिन रसम, बिन वचन बन गये हम तेरे
जिसका श्यामल सा आनन मुझे भा गया
संग उसके ही लूँगी मैं सातों फेरे
— त्रिशिका धरा
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एक घंटा पहले

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