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जिस दिन मेरा इंतकाल होगा

The Man

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उस दिन सब खुश हो जाएंगे ,
        
                                                    
                            
या सब दुखी हो जाएंगे,
उस दिन कैसा सबका हाल होगा,
जिस दिन मेरा इंतकाल होगा,
मैं इतना जल्दी क्यों चला गया,
मुझे किस चीज की कमी थी,
सबका यही सवाल होगा,
जिस दिन मेरा इंतकाल होगा,
उस दिन कुछ लोग मेरे मृत शरीर के पास,
शायद अपने झूठे आंशू बहाएंगे,
तो कुछ लोग वही आंसू लिए मेरे मौत का पैगाम,
सबके यहां पहुंचाएंगे,
फिर जिनके यहां पैगाम पहुंचा वो लोग भी आयेंगे,
जो शख्स मेरे मृत शरीर के पास बैठा होगा ,
उसे थोड़ी सांत्वना दे कर,
मुझे ले जाने के कार्य - क्रम में जुट जाएंगे,
अब चार लोग मुझे अपने कंधों पर उठाएंगे,
तब उस समय वो कुछ लोग ,
थोड़ा और आंसू बहाएंगे,
वहीं कुछ लोग ' राम नाम सत्य है' का नारा लगाएंगे,
अब इस बीच न जाने कितने कंधे बदले जाएंगे,
लोग मुझे लेकर श्मशान पहुंच लकड़िया लाएंगे,
तत्पश्चात मुझे जला कर वहां से चले जाएंगे,
उस वक्त मेरे मन में बस यही ख्याल होगा,
क्या इतना ही साथ था हमारा,
मेरा सबसे यह सवाल होगा,
जिस दिन मेरा इंतकाल होगा ।
5 घंटे पहले
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samarth dalela

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