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...गवाह!

SWECHHA MISHRA

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सबको मनाते मनाते खुद को यक़ीन दिलाना पड़ेगा
        
                                                    
                            
झूठ को सलाह नहीं सच को अदालतों को जाना पड़ेगा

मैंने चुन चुन कर कीचड़ से निकाले हैं कमल
अब इन हाथों को मैला भी दिखाना पड़ेगा

मेरी खुशियों को जाने क्या समझ रखा है
तुमको अश्कों का दरिया दिखाना पड़ेगा

जिसने बहता नहीं देखा लहू आज तक
उसको समझाने को किस्सा सुनाना पड़ेगा

मैंने उम्र भर साफ रखी है कमीज़ अपनी
ये बताने को भी अब गवाहों को बुलाना पड़ेगा?

-thekhayali.stree
3 महीने पहले
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