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...गवाह!

                
                                                         
                            सबको मनाते मनाते खुद को यक़ीन दिलाना पड़ेगा
                                                                 
                            
झूठ को सलाह नहीं सच को अदालतों को जाना पड़ेगा

मैंने चुन चुन कर कीचड़ से निकाले हैं कमल
अब इन हाथों को मैला भी दिखाना पड़ेगा

मेरी खुशियों को जाने क्या समझ रखा है
तुमको अश्कों का दरिया दिखाना पड़ेगा

जिसने बहता नहीं देखा लहू आज तक
उसको समझाने को किस्सा सुनाना पड़ेगा

मैंने उम्र भर साफ रखी है कमीज़ अपनी
ये बताने को भी अब गवाहों को बुलाना पड़ेगा?

-thekhayali.stree
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3 महीने पहले

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