विज्ञापन

अंधा जातीय संग्राम

Surya Mani

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हर कर्मकांड के लिए पंडित जी को बुलाते है
        
                                                    
                            
स्वयं पोथी पत्रा शास्त्र गीता क्यों नहीं उठाते हैं
शिक्षक का कर्म का अधिकार अब नहीं है
पूजा संकल्प भी सीख लो प्रतिकार तो नहीं है
वैश्य का कर्म भी तो हर किसी ने सीखा है
पुलिस सैन्य व्यवस्था ही क्षत्रिय सरीखा है
सेवा में कौन से वर्णक्रम के शूद्र ही अब जाते है
अच्छे अच्छे बाभन ठाकुर नालियाँ सफाते हैं
फिर ये जात पाठ का खेल किसने खेला है
संविधान से राजनीति तक जाति का झमेला है
इंसानों को दी गालियाँ बस सवर्ण ही इल्जाम है
देवी देवता भी न बचे ये अंधा जातीय संग्राम है ||
एक घंटा पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Shivam Awasthi

3 कविताएं

View Profile