देश प्रेम राष्ट्र शक्ति , रहे देश में आसक्ति ,
सब कुछ देश पर , बलिदान कीजिए।
वीर देश के महान , राष्ट्र की हैं आन बान ,
सीमा पर डटे हुए, उन्हें मान दीजिए।
भारत का सैन्य बल , नारी शक्ति है प्रबल,
शौर्य देखे सारा जग , वाह वाही लीजिए।
शत्रु दल काॅंप रहा , खुद को है ढाॅंप रहा ,
मिटेगा आतंकवाद , प्रेम रस पीजिए।
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देश जीवन आधार, धरती पालनहार,
बनता है मधुवन, सोचने की बात है।
कर्म भूमि का हो मान, सत्य पथ की है शान,
बलिदान उत्साह से, जोश जगे गात है।
आतंकी बदला लेना, सिंदूरी जबाब देना,
बलिदान हुआ भी है, मिलती सौगात है।
क्षद्मयुद्ध पाक करे ,भारत आतंक हरे ,
जग जाने कर्म से ही , पाक न सुहात है।
- सुमन मेहरोत्रा