किसी ने सच ही ,
कहा है कि -
हर प्राणी ,
अपने जगह में -
बादशाह या,
शहँशाह रहता है -
या बनकर रहता है l
इसी क्रम में,
कहा गया है कि -
हर प्राणी में ,
या हर प्राणी के -
अंदर ,
अपनी ताकत -
और
अपनी कमजोरी -
जरूर ही ,
होती है l
उदाहरण स्वरूप ,
मछली -
जंगल में ,
दौर नहीं सकता है -
और शेर ,
पानी में -
तैर नहीं ,
सकता है -
तातपर्य ,
सब का -
अपने - अपने,
जगह का -
अलग - अलग ,
महत्व होता है l
जल का रानी ,
मछली होता है तो -
तो जंगल का ,
राजा शेर ही -
होता है ,
न मछली -
जंगल में ,
रानी बन सकता है -
न ही शेर ,
पानी में -
राजा ही ,
कहला सकता है l
इसलिए ,
अहमियत -
सभी को ,
देना आवश्यक है -
या देना चाहिए l
- सुरेश कुमार झा 'अल्हर'