पिया, तेरे नाम की मेहंदी हथेली पर रचाई है।
चूड़ी की हर खनक ने तेरी याद जगाई है।
माथे की बिंदी बोले, तू ही मेरा श्रृंगार।
पायल की रुनझुन में सुनूँ तेरा ही प्यार।
कानों के झुमके झूमें, अधरों पर मुस्कान।
काजल भरी निगाहों में बसता तेरा जहान।
सिंदूरी माँग सजे तो मन में दीप जले।
तेरे संग जीवन के हर रंग खिले-खिले।
महकी हुई चुनरिया, महके मन का आँगन।
तेरी प्रतीक्षा में सजता हर पल मेरा दर्पण।
गजरे की खुशबू लेकर पवन संदेशा लाए।
चाँद भी तेरी राहों में चुपके से दीप जलाए।
पिया, तेरे संग हर मौसम मधुमास लगे।
तेरी एक मुस्कान से जीवन खास लगे।
जन्म-जन्म का साथ मिले, यही मन की अरदास।
तेरे प्रेम से महकता रहे मेरा हर एहसास।