आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

तेरे प्रेम से महकता रहे मेरा हर एहसास।

                
                                                         
                            पिया, तेरे नाम की मेहंदी हथेली पर रचाई है।
                                                                 
                            
चूड़ी की हर खनक ने तेरी याद जगाई है।
माथे की बिंदी बोले, तू ही मेरा श्रृंगार।
पायल की रुनझुन में सुनूँ तेरा ही प्यार।

कानों के झुमके झूमें, अधरों पर मुस्कान।
काजल भरी निगाहों में बसता तेरा जहान।
सिंदूरी माँग सजे तो मन में दीप जले।
तेरे संग जीवन के हर रंग खिले-खिले।

महकी हुई चुनरिया, महके मन का आँगन।
तेरी प्रतीक्षा में सजता हर पल मेरा दर्पण।
गजरे की खुशबू लेकर पवन संदेशा लाए।
चाँद भी तेरी राहों में चुपके से दीप जलाए।

पिया, तेरे संग हर मौसम मधुमास लगे।
तेरी एक मुस्कान से जीवन खास लगे।
जन्म-जन्म का साथ मिले, यही मन की अरदास।
तेरे प्रेम से महकता रहे मेरा हर एहसास।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक दिन पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर