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कलाम की आवाज जो मैंने सनी

Sunita Shukla

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कलम की आवाज़ जो मैंने सुनी,
        
                                                    
                            
तो अपने लिए एक नई राह चुनी।
जब शब्द कागज़ पर चलने लगे,
तो इंसान अपनी राह खुद चुनने लगे।
कलम की आवाज़ जो मैंने सुनी,
तो सबके लिए एक मिसाल बनी।
बदल दी किस्मत उस राही की,
जिसे कद्र है कलम के स्याही की।
कलम की आवाज़ जो मैंने सुनी,
तो बदल गई मेरी ज़िंदगी।
जिसने चुनी कलम की ताक़त बन गया वो महान,
उसने चुन लिया अपना सही आसमान।
-वैष्णवी शुक्ला
 
2 घंटे पहले
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