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खाली कमरा और खामोशी

SUNIL NAYI

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैंने
        
                                                    
                            
खिड़की का एक पल्ला
खुला छोड़ दिया।

परिंदे
पुकार रहे हैं
खाली कमरे को देखकर।

बिल्ली
चुप सी बैठी है
खामोश फोन के पास।

मैंने
पर्दे गिरा दिए
बुझा दिए चिराग।

शुभरात्रि
कह दिया उन दीवारों को
जिन पर अब मेरी परछाईं
भी नहीं ठहरती।
एक दिन पहले
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