जब ईश्वर साथ खड़े होते हैं,
तो काँटे भी फूल बने होते हैं।
लाख बिछा लो राह में काँटे,
सच्चे पथिक कहाँ रुके होते हैं।
धोखे की आँधी चलती रहे,
साज़िश की रात भी ढलती रहे।
कुछ पल सत्य भले चुप हो जाए,
पर झूठ की उम्र कहाँ चलती रहे।
जब भाग्य में ईश्वर लिखते हैं,
तो बंद द्वार भी खुलते हैं।
दुनिया चाहे जितना रोक ले,
सच्चे कदम कहाँ रुकते हैं।
कर्मों का दीप जलाए रखना,
सत्य का साथ निभाए रखना।
देर भले हो न्याय में लेकिन,
ईश्वर पर विश्वास बनाए रखना।
जो सत्य की राह पर चलता है,
वह गिरकर फिर भी संभलता है।
दुनिया चाहे भ्रम में रख दे,
ईश्वर सत्य स्वयं कहता है।
जब ईश्वर की कृपा हो जाती,
हर मुश्किल छोटी हो जाती।
झूठ भले कुछ पल मुस्काए,
अंत में जीत सत्य की होती जाती।