राह में जाने कितने मुसाफिर मिलेंगे
कुछ अपने ,कुछ बेगाने मिलेंगे।
एक सफर ही तो है जिंदगी
जाने,कैसे-कैसे लोग मिलेंगे।
मिलेगें, कभी खुशियों के तराने
तो कभी गमों के फसाने मिलेंगे।
संग कहकशांं के रास्ते भी चलेंगे
और अश्कों के संग केवल वीराने मिलेंगे।
बहुत छोटी सी है यह जिंदगी
सफर में नए-नए तजुर्बे मिलेंगे।
- सुमन चौधरी सुमन
बिजनौर उत्तर प्रदेश
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