विज्ञापन

चीन कब सुधरेगा

Sujeetkumar Ukey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            "चीन कब सुधरेगा "
        
                                                    
                            
कश्मीर हो या डोकलाम
नजाने चीन कब सुधरेगा
भारत कुछ नही कर सकता
इस गलत फहमी से कब उबरेगा
आज 2020 है 1962 नही
इस समय देश का हर नौजवान

सीमा पे आके तुझे सबक शिखायेगा
चीन क्यू भूल जाता है
गौतम बुद्ध से उसका नाता है
जो अहिंसा और समता सिखाता है
अंत मे तू बुद्ध को ही भूल जाता है
ना बम फटा ना गोलीबारी हुई
तो कैसे हमारे नौजवानो की शहीदो मे गिनाई हुई
कुछ तुम्हारे मरे कुछ हमारे

दोनों तरफ तो मरते है सिपाई बिचारे
हमारे राजनेता राजनीती से बास नही आते
अब इन पाखंडियो को कौन समझायेगा
बड़ी बड़ी बातो से मरे हुये जिन्दा नही होते
थोड़ी सी जगह के लिए क्या लड़ते है देश

परिंदो से सीखो जीने ना सरहद है ना स्वदेश
चीन तुमे क्या चाहिए
जीने के लिये हवा और मरने के लिए जमीन चाहिए
जरा यह उस चीन को जाके कोई समझाइये
ऐसे ही चला तो इंसान ना होगा
तो नक्शा बनाने का फायदा क्या होगा

सुजीत उके

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें। 
6 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

kamal jha

90 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10985 कविताएं

View Profile