सबसे न्यारा सबसे प्यारा भारत देश हमारा प्यारा।*
जहां उत्तर में गिरिराज हिमालय ,
भारत मां के मुकुट सा न्यारा
दक्षिण में रत्नेश निरंतर
मां के चरण पखारे,
पावन नदियां सुधा
रस धार बहावें
वो है प्यारा भारत देश हमारा । ।
जहां प्राची-पश्चिम दिशा की सागर रक्षा करते हैं।
जहां तपोभूमि है ऋषि-मुनियों की ,
जहां राम, कृष्ण, बुद्ध ,
और चारों धाम हृदय में बसते।
वो है भारत देश हमारा प्यारा ।
जहां गंगा, गीता, गायत्री, गाई जाती
घर - घर में सम्मानित होती नारी
प्रेम ,दया, सद्भाव और राष्ट्र प्रेम की
सरिता बहती हर दिल में ।
वो है प्यारा भारत देश हमारा
यह मातृभूमि बलिदानी की
जहां आरियों के दल को
ललकारा स्वयं भवानी ने
जहां हर नारी झांसी की है रानी
जहां लेकर मशाल क्रांति की ,वीरों ने अंग्रेजों को
जहां गाथा आजादी की बच्चा- बच्चा गाता है
भरत के नाम से भारत जाना जाता है
भगत सिंह ने यहां, आजादी का बिगुल बजाया।
चंद्रशेखर ने धरा नाम आजाद
सुभाष चंद्र बोस ने जयहिंद का बोला नारा
सन् १९४७ को गगन मे गूंज उठा आजादी का नारा
वो है प्यारा भारत देश हमारा ।।
ललकारा
वो है प्यारा भारत देश हमारा ।
सुधा त्रिपाठी शुक्ला
मुंबई/लखनऊ