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कब आएगा मेरा सावन

Sudha Goyal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कब आएगा मेरा सावन
        
                                                    
                            

कब रिमझिम बूंदें बरसेंगी
कब भावों के झूले होंगे
अरमानों के पेंग बढ़ेंगे
मल्हारों से सपने होंगे
कब महकेगा मेरा कानन
कब आएगा मेरा सावन
कब खनकेगा कंगना मेरा
कब चूनर में झिलमिल तारे
कब पांवों में रचे महावर
कब मेंहदी से हाथ रचाएं
कब सिंदूरी मेरा आनन
कब आएगा मेरा सावन
कब प्रियतम की बांह मिलेगी
कब पुरवा की सिहरन होगी
कब यादों से सजी देहरी
कब प्रीति की अक्षत होगी
कब गूंजेगा मन का आंगन
कब आएगा मेरा सावन
घटा घुमड़ घुमड़ कुछ कहतीं
बिजली कौंध कौंध कर आती
इंद्रधनुष कितने हैं नभ में
धरती पुलक पुलक क्यों जाती
क्यों खाली है मेरा दामन
कब आएगा मेरा सावन।
-सुधा गोयल
 
3 महीने पहले
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