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करवाचौथ

suckhi singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चलो दिन आज अपना भी मनाया जाए
        
                                                    
                            
पत्नी के लिए उपहार भी महंगा लाया जाए
जो कहते हैं कि किस्मत फूट गयी तुम्हें पाकर
चलो चलनी में आज मुंह उन्हें भी दिखाया जाए

सुन्दर वस्त्र भी उन्हें पहनाया जाए
व्रत में फल फ्रूट भी खूब खिलाया जाए
जहां हमारी एक ना चली आज तक उनसे भी आज छु-आया जाए

कल से फिर अपना रोज का काम किया जाए
पत्नी की हर बात को सर्वोपरि मान लिया जाए
जिस छलनी में दिखाई थी सूरत हमने अपनी
कल फिर उसी चलनी से आटा छान लिया जाए
-सुखप्रीत सिंह "सुखी "
5 घंटे पहले
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