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कोपलें उभर आयी है ....

subhash yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            टहनियों पर लाल -लाल
        
                                                    
                            
कोंपलें उभर आयी है देखो
बरगद को देखो
पीपल को देखो
नये रंग रूप में सज -धज कर
प्रकृति को देखो
नयी सोच लिये नव सृजन लिये
जीवन देखो !
पतझड़ के बाद तरुओं पर
लौट आया वसंत देखो ॥





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7 वर्ष पहले
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