विज्ञापन

उम्मीद करना बुरी बात है

Sooba Lal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            झूठे सपने दिखाकर किसी को तड़पाना नहीं,
        
                                                    
                            
उम्मीदें जगाकर फिर वादों से मुकर जाना नहीं।
किसी के दिल से खेलना कोई इंसानियत नहीं,
झूठी आस दिलाना कोई अच्छाईयां नहीं।

उम्मीद वही दो , जिसे पूरा कर सको,
वचन वही दो, जिस पर खरे उतर सको।
सच कहकर किसी का दिल दुखा देना बेहतर है,
झूठी उम्मीद देकर, तोड़ना बहुत बुरा है।
-सूबा लाल ‘अंजाना’
3 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

kamal jha

90 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10985 कविताएं

View Profile