झूठे सपने दिखाकर किसी को तड़पाना नहीं,
उम्मीदें जगाकर फिर वादों से मुकर जाना नहीं।
किसी के दिल से खेलना कोई इंसानियत नहीं,
झूठी आस दिलाना कोई अच्छाईयां नहीं।
उम्मीद वही दो , जिसे पूरा कर सको,
वचन वही दो, जिस पर खरे उतर सको।
सच कहकर किसी का दिल दुखा देना बेहतर है,
झूठी उम्मीद देकर, तोड़ना बहुत बुरा है।
-सूबा लाल ‘अंजाना’