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अँधेरों में भी उम्मीद का दीप जलाए रखना।

Sooba Lal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कष्ट आ जाए तो रोने से कम नहीं होता है,
        
                                                    
                            
रोने-धोने से कभी उसका अंत नहीं होता है।
ऐसे समय में हिम्मत ही काम आती है,
घबराने से तो बुद्धि भी साथ छोड़ जाती है।

आँसुओं को यूँ बेकार में न बहाना है,
कष्ट मेहमान है, आता है चला जाता है।
इसके आने पर भी मुस्कुराकर स्वागत करना,
अपनी मेहनत से हर मुश्किल को हराना है।

कष्टों से कभी जीवन में घबराना नहीं,
मुश्किलों के आगे सिर झुकाना नहीं।
हौसलों की लौ को हरदम जलाए रखना,
अँधेरों में भी उम्मीद का दीप जलाए रखना।

कठिनाइयाँ ही अनुभव का पाठ पढ़ाती हैं,
गिरकर उठने की कला हमें सिखाती हैं।
जो विपरीत परिस्थितियों में भी मुस्कुराता है,
वही इंसान जीवन में आगे बढ़ पाता है।
-सूबा लाल ‘अंजाना’
22 घंटे पहले
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