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बुद्धदेव का ज्ञान जगत में, नई चेतना जगाएगा

Sooba Lal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बुद्धम् शरणम् गच्छामि, दिल से कहते जाना है,
        
                                                    
                            
प्रेम-सुधा जन-जन के बीच में, बरसाते जाना है।
सबके दिल में करुणा जागे, सत्य-अहिंसा का वास हो,
ज्ञान-ज्योति से जगमग करता, हर प्राणी का विश्वास हो।

संघम् शरणम् गच्छामि
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संघम् शरणम् गच्छामि, सबको बताते जाना है,
बुद्धदेव की बतलाई राहों पर, चलते जाना है।
बुद्ध-वंदना की मन में, पावन ज्योति जलाना है,
प्रेम, दया और करुणा का, भाव सभी में जगाना है।

धम्मम् शरणम् गच्छामि
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धम्मम् शरणम् गच्छामि, संदेश फैलाते जाना है,
क्रोध, मोह और लोभ मिटाकर, आगे बढ़ते जाना है।
सत्य-अहिंसा अपनाकर, सद्मार्ग पर चलते जाना है,
मैत्री और सद्भाव का संदेश, जग में फैलाना है।

बुद्धम् शरणम् गच्छामि, दिल से कहते जाना है,
संघम् शरणम् गच्छामि, सबको बताते जाना है।
धम्मम् शरणम् गच्छामि, संदेश फैलाते जाना है,
गौतम बुद्ध के पावन गीतों को, मिलकर सदा ही गाना है।

बुद्धदेव का ज्ञान जगत में, नई चेतना जगाएगा,
करुणा, मैत्री और सद्भाव से, हर मानव जुड़ जाएगा।
जाति-धर्म का भेद मिटाकर, प्रेम का दीप जलाना है,
बुद्धम्, धम्मम्, संघम् की शरण में, जीवन सफल बनाना है।

बुद्धम् शरणम् गच्छामि, दिल से कहते जाना है,
संघम् शरणम् गच्छामि, सबको बताते जाना है।
धम्मम् शरणम् गच्छामि, संदेश फैलाते जाना है,
प्रतिपल गौतम बुद्ध प्रभु के, मंगल गीत सुनाना है।
-सूबा लाल 'अंजाना'
7 घंटे पहले
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