वर दे माँ शारदे संसार को सद्बुद्धि दे।
एक दूसरे के प्रति हिंसा का नाश हो।
सबमें सत्य और प्रेम का भाव पैदा हो,
नफरत की भावना पूर्णरूपेण समाप्त हो।
जुबान किसी की भी फिसले नही,
जहर कोई भी बेवजह उगले नही।
विश्व मे सब मिलजुल कर रहें प्रेम से,
अहिंसा का मार्ग सब प्रशस्त करें।
ख्वाहिश हो गई विश्व में अनेक देशों की,
एक दूसरे की संपत्ति,जमीन हड़पने की।
नुकसान हो चाहे जानमाल ,पर्यावरण की,
होड़ मची है मिसाइल गिराने की।
सुपर शक्ति बनने की हो गई प्रबल इच्छा,
काश माँ इन्हें दे प्रेम की उत्कृष्ट शिक्षा।
विश्व कल्याण के विषय में करें विचार,
एक दूसरे की भावना की करें सम्मान।