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दाँव

Siddharth Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जरूरतों से जरूरतन दाँव लगाता हूँ मैं
        
                                                    
                            
एवज में खुशियां, घर, गाँव लगाता हूँ मैं
-सिद्धार्थ गोरखपुरी
एक वर्ष पहले
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