आजकल सारे नेता इंतजार कर रहे हैं !
हार-जीत की सोच कर आहें भर रहे हैं!!
15 लाख और 72000 सबको आस है !
काले धन की सबको आज भी तलाश है!
23 तारीख तक धड़कने सबकी तेज हैं !
मगर अभी भाषण रैली जनसभा तेज है!!
वोट के लिए सब आगे पीछे घूमते हैं !
जीतने के बाद कहीं और ही घूमते हैं!!
अच्छी एजुकेशन और हॉस्पिटल पर ध्यान नहीं !
विकास की बात है मगर प्रदूषण का ध्यान नहीं!!
नेता एक दूसरे की गलती निकालने में लगे हैं !
वोट लेकर चले जाते हैं यह किसके सगे हैं!!
अमेरिका चाइना जापान विकास में बसे हैं !
मगर हम जातिवाद और धर्मों में ही फंसे हैं!!
सरकारी स्कूलों में पढ़ाई अच्छी होती नहीं !
प्राइवेट स्कूलों में फीस कम होती नहीं!!
इलेक्शन के प्रचार में कितना खर्चा हो रहा है !
सारे देश आगे निकल रहे भारत पीछे हो रहा है!!
सरकारी अस्पताल की लाइन से रोगी डरते हैं !
ट्रैफिक पुलिस वाले अपनी जेब भरते हैं!!
सरकार चाहिए वह जो बदलाव लाएं!
प्राइवेट स्कूलों की फीस पर लगाम लगाएं!!
शराब के ठेकों पर पाबंदी लगाए!
आतंकवाद को जड़ से मिटाएं!!
ऐसे सूर्योदय कि हम सबको आस हैं !
संस्कृति सबसे ऊंची,भारत देश खास है!!
भारत है आतंकियों का भय !
वंदे मातरम भारत माता की जय!!
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