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शनि देव

Shreya Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            न डर तेरा नाम सुनकर,
        
                                                    
                            
न मन में कोई भय रख,
कर्मों की जो राह दिखाई,
उस राह पर विश्वास रख।

न सिंहासन का मोह तुम्हें,
न झूठी शान सुहाती है,
जो जैसा कर्म कमाता है,
वैसी ही राह दिखाती है।

तुम धीमे हो, पर न्याय तुम्हारा,
कभी नहीं रुकता है,
देर भले हो जाए लेकिन,
सच का सूरज उगता है।

जो टूट गया है पापों से,
उसे सुधरने का अवसर देते,
भटके हुए इंसान को भी,
सच्चाई के पथ पर ले लेते।

तेरी दृष्टि जहाँ पड़ती है,
अहंकार वहीं मिट जाता है,
झूठे महलों का हर सपना,
क्षण भर में बिखर जाता है।

हे शनिदेव बस इतनी कृपा,
कर्मों में सच्चाई रहे,
मन में दया, वाणी में मधुरता,
हर कदम पर अच्छाई रहे।

न माँगूँ सोना, न माँगूँ धन,
न माँगूँ जग की सारी शान,
बस इतना देना शनिदेव-
सच्चा रहे मेरा कर्म और पावन रहे मेरा मन।
एक महीने पहले
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