जहाँ शब्दों की ज़रूरत न पड़े,
बस मौजूदगी काफी हो,
सुकून वही है जहाँ
हर खता की पहले से माफी हो।
किसी के कंधे पर
सिर रखकर चुपचाप बैठ जाना,
और बिना कहे ही सारा
हाल-ए-दिल कह जाना।
रिश्तों में जब यकीन का
गहरा समंदर होता है,
चैन तब दुनिया के बाहर नहीं,
मन के भीतर होता है।
दिखावे की मोहब्बत तो सिर्फ
तमाशा करती है,
सच्ची शांति तो
खामोश निगाहों में बसती है।