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अनकहा प्रेम

Shraddha Bhatt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जहाँ शब्दों की ज़रूरत न पड़े,
        
                                                    
                            
बस मौजूदगी काफी हो,
सुकून वही है जहाँ
हर खता की पहले से माफी हो।
किसी के कंधे पर
सिर रखकर चुपचाप बैठ जाना,
और बिना कहे ही सारा
हाल-ए-दिल कह जाना।
रिश्तों में जब यकीन का
गहरा समंदर होता है,
चैन तब दुनिया के बाहर नहीं,
मन के भीतर होता है।
दिखावे की मोहब्बत तो सिर्फ
तमाशा करती है,
सच्ची शांति तो
खामोश निगाहों में बसती है।
2 महीने पहले
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