आज शिकायत ना करना तुम
मैं दिल का पैगाम लेकर आया हूं।
अपनी आंखो के प्याले में सजा
आंसुओं का जाम लेकर आया हूं।
ढलता गया दिन; ढलती गई रात
मगर जो ढल न सकी तेरे बिन
वो शाम लेकर आया हूं।।
- शिवम त्रिपाठी
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