बेशर्मो को जरा सी ना लाज आयी
इंसानियत हैवानियत से बाज ना आयी
जिसके नख काटने से मैं डरती सदा
काटी गर्दन कटारि बेकदर लेकर
सुबह भेजा था पेंसिल रबर लेकर
शाम आये वो जिसकी खबर लेकर
- शिवम "जोगी"
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