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वक्त मिलेगा तो सोचेंगे

Shiva Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जिए अब तक सबके लिए
        
                                                    
                            
कब जिए थे अपने लिए ,
वक्त मिलेगा तो सोचेंगे ।

बनाने को तुम्हारा हर पल खास ,
जब नहीं मारे थे अपने एहसास
कौन सा था भोपाल खास ,
वक्त मिलेगा तो सोचेंगे।

अजब था मेरे समर्पण का जुनून
महसूस किया करती मैं तेरे गम को मेरा गम
तेरे सुकून को मेरा सुकून ,
महसूस किए थे कब तुमने मेरे जज्बात,
वक्त मिलेगा तो सोचेंगे ।
2 महीने पहले
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