बचपन में दाखिला ले लिया
पढ़ाई को दिल दे दिया
मन से हम पढ़ा करते थे
दोस्तो से अपने झगड़ा करते थे
कुछ सखियां आपस में लड़ती थी
किताबें भी हमसे पढ़ती थी
गुरु का करते थे, दिल से सम्मान
हम सब समझे ,उनको अपना भगवान
देख के हमको, गुरु के चेहरे खिल जाते थे
पहुंच स्कूल,हम सब मिल जाते थे
वो प्यारे से दिन बहुत भाते हैं
आज गुरु, शिष्य सब याद आते हैं