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कुछ दिन और

Sharad yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उदासी छा रही है खिले हुए चेहरों पर
        
                                                    
                            
अमृत बरसने लगा है शहरो पर
ये स्कूल छूटने के दौर हैं
बचे कुछ दिन और हैं
दोस्त यार भी छूट जायेंगे
दिल हमारे टूट जायेंगे
हम सब चंदा सौर हैं
अब बाकी कुछ दिन और हैं। 
एक वर्ष पहले
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