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राधे-राधे श्याम, मेरे श्याम : कृष्ण-भक्तिपरक कीर्तन-भजन

श्री सनातन

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            राधे-राधे श्याम, मेरे श्याम,
        
                                                    
                            
मन में बस जा, हे घनश्याम।
राधे-राधे श्याम, मेरे श्याम,
तू ही मेरा प्राण, हे घनश्याम॥

सिर मोर-मुकुट, अधरों मुरली,
नैनन बरसे प्रेम की बदली।
राधे-राधे श्याम, मेरे श्याम,
तू ही मेरा धाम, हे घनश्याम॥

दुख में तू है, सुख में तू है,
साँस-साँस में नाम तू ही है।
राधे-राधे श्याम, मेरे श्याम,
चरणों में दे विश्राम, हे घनश्याम॥

माया-मोह सभी हर लेना,
अपना मुझको श्याम कर लेना।
राधे-राधे श्याम, मेरे श्याम,
तू ही मेरा धाम, हे घनश्याम॥

राधे राधे राधे राधे,
श्याम श्याम श्याम श्याम।
राधे राधे राधे राधे,
जय जय श्री घनश्याम॥

राधे राधे राधे राधे,
श्याम श्याम श्याम श्याम।
तन में श्याम, मन में श्याम,
जय जय राधे-श्याम॥
- सनातन मुकुंद
एक महीने पहले
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