जय सिद्धिदात्री, जय माँ भवानी,
जय कल्याणकारी, जय वरदानी।
जय सिद्धिदात्री, जय माँ भवानी,
करो कृपा माँ, हे सुखदानी॥
कमलासन पर विराजो माता,
दिव्य प्रभा फैलाती।
शान्ति-सुधा बरसाकर अम्बे,
सबके मन हर्षाती॥
जय सिद्धिदात्री, जय माँ भवानी,
जय कल्याणकारी, जय वरदानी।
जय सिद्धिदात्री, जय माँ भवानी,
करो कृपा माँ, हे सुखदानी॥
अष्टसिद्धि-प्रदायिनी माता,
महिमा अमित तुम्हारी।
ज्ञान-विवेक की ज्योति जगा दो,
हर लो विपदा सारी॥
मन में श्रद्धा, हृदय में भक्ति,
वाणी में माधुर्य भर दो।
मोह-तिमिर हर, हे जगजननी,
सद्बुद्धि का वर दो॥
जय सिद्धिदात्री, जय माँ भवानी,
जय कल्याणकारी, जय वरदानी।
जय सिद्धिदात्री, जय माँ भवानी,
करो कृपा माँ, हे सुखदानी॥
दीन-दुखी के कष्ट मिटा दो,
हर मन में विश्वास।
मुरझाए जीवन में भर दो,
नवजीवन का प्रकाश॥
ईर्ष्या-द्वेष मिटें जग से माँ,
प्रेम-सुधा बरसाओ।
मैत्री, करुणा, सत्य, अहिंसा,
जन-जन में बसाओ॥
जय सिद्धिदात्री, जय माँ भवानी,
जय कल्याणकारी, जय वरदानी।
जय सिद्धिदात्री, जय माँ भवानी,
करो कृपा माँ, हे सुखदानी॥
सिद्धि मिले तो सेवा करना,
मान मिले तो विनम्र रहना।
ज्ञान मिले तो सत्य अपनाना,
माँ, सद्मार्ग पर सदा चलाना॥
तेरे चरणों में शीश झुकाकर,
करें तेरा गुणगान।
तन-मन-जीवन तुझको अर्पित,
माँ, कर लेना स्वीकार॥
करुणामयी, कल्याणमयी माँ,
रखना कृपा अपार।
जय सिद्धिदात्री, जय माँ भवानी,
तू ही मेरा आधार॥
जय सिद्धिदात्री, जय माँ भवानी,
जय कल्याणकारी, जय वरदानी।
जय सिद्धिदात्री, जय माँ भवानी,
करो कृपा माँ, हे सुखदानी॥
- सनातन मुकुंद