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जय माँ कालरात्रि : भजन

श्री सनातन

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जय माँ कालरात्रि,
        
                                                    
                            
जय करुणामयी भवानी,
जय अज्ञान-तिमिर-हारिणी,
जय शक्ति-स्वरूपा कल्याणी।
दुष्ट-दलनकारिणी,
भक्त-भय-हारिणी,
जय जगदम्बे माँ,
जय महाकल्याणी॥

घनघोर निशा में ज्योति तुम्हारी,
भय-तम हरती माँ, महिमा न्यारी।
नीलवर्णी, विकरालरूपा, करुणा अपार,
माँ, शरणागत का तू ही आधार॥

जय माँ कालरात्रि,
जय करुणामयी भवानी,
जय अज्ञान-तिमिर-हारिणी,
जय शक्ति-स्वरूपा कल्याणी॥

मन से भय मिटे, साहस जागे,
तेरी कृपा से नियति सँवरे।
संशय के सब बंधन टूटें, माँ,
ज्ञान-ज्योति से जीवन निखरे॥

काम-क्रोध का अंधकार हरना,
मोह-मद का अभिमान मिटाना।
सत्य-धर्म का पथ दिखाना,
अंतर्मन निर्मल बनाना॥

जय माँ कालरात्रि,
जय करुणामयी भवानी,
जय अज्ञान-तिमिर-हारिणी,
जय शक्ति-स्वरूपा कल्याणी॥

दीन-दुखी के कष्ट मिटाओ,
प्रेम-सुधा से जग महकाओ।
भेद-भाव की दीवारें ढहें,
विश्व-बंधुत्व की ज्योति जलाओ॥

श्रद्धा, शक्ति, विवेक दो माता,
भक्ति-पथ पर बढ़ता जाऊँ।
चरण-कमल में शीश झुकाकर,
तेरी महिमा नित्य ही गाऊँ॥

जय माँ कालरात्रि,
जय करुणामयी भवानी,
जय अज्ञान-तिमिर-हारिणी,
जय शक्ति-स्वरूपा कल्याणी।
दुष्ट-दलनकारिणी,
भक्त-भय-हारिणी,
जय जगदम्बे माँ,
जय महाकल्याणी॥
- सनातन मुकुंद
7 घंटे पहले
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