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पंजा, लड़ा कर देखिये

Shanti Swaroop

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कभी काँटों को गले, लगा कर देखिये
        
                                                    
                            
कभी पत्थरों में रस्ता, बना कर देखिये
रंग जायेगा जमाना तुम्हारे ही रंग में,
मोहब्बत की महफ़िल, सजा कर देखिये
इक तुम ही हो दुनिया में अकेले सुर्ख़रू,
अपने गुमां को दिल से, भगा कर देखिये
न भूलना कि दुनिया फरामोश है दोस्त,
शक है ज़रा भी तो, आजमा कर देखिये
कब तक जीओगे 'मिश्र' गैरों के वजूद पे,
खुद भी आफ़तों से पंजा, लड़ा कर देखिये
-शांती स्वरूप मिश्र
एक दिन पहले
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Aditya Mishra

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