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सब जग से न्यारा

Shambhu Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सब जग से न्यारा..
        
                                                    
                            
भारत है।
प्राणों से भी प्यारा..
भारत है।
हम सब हैं भारत के वासी,
और देश हमारा..
भारत है।।

मिट्टी में लिखी है गीता यहां।
लक्ष्मीबाई और मां सीता यहां।
चित्तौड़गढ़ का अद्भुत जौहर..
क्षत्राणी रानी पद्मिनी यहां।
कृष्णा-कावेरी..
क्या बात है।
गंगा-गोदावरी..
क्या बात है।
कल्पना चावला..
क्या बात है।
और कन्या कुमारी..
क्या बात है।
हम सब हैं भारत के वासी।
और देश हमारा भारत है।

सपूतों की धरती।
यह वीरों की मही।
अभिमन्यु जन्मा था,
पृथ्वी राज भी यहीं।
तलवार से जिसके,
थरथराती दुश्मनों की जमीन
वैसे प्रतापी रणधीर यहीं।

बाजों की नजर..
क्या बात है।
चीतों की डगर..
क्या बात है।
शेरों का शहर..
क्या बात है।
शौर्य पराक्रम..
क्या बात है।
शिवाजी, राणा…
क्या बात है।
तुंग शिखर पर,
चतुरंगी शाखी..
क्या बात है।
हम सब हैं भारत के वासी।
और देश हमारा भारत है।

पहलगांव के घ्रिणि-कृतकारो सुनों।
मसूद अजहर, आसीम मुनीरों सुनो।
लश्कर, जैश, हिजबुल के मुरीदों सुनो।
नफरती नाच कराने वाले ठेकेदारों सुनो।
सुहागिनों के सिन्दूर मिटानेवाले हत्यारे सुनो।
कोशिशें लाख कर लो..
बंट नहीं सकता यह देश।
बात मस्तिष्क में भर लो..
यहां है अनेकता में एक।।

सन ईक्हत्तर का कैलेण्डर..
क्या बात है।
पाक आर्मी का सरेंडर..
क्या बात है।
इंदिरा की आंधी..
क्या बात है।
नया देश बना दी..
क्या बात है।
कारगिल की पिटाई..
क्या बात है।
सर्जिकल स्ट्राइक..
क्या बात है।
सिन्दूर का कर्ज अभी भी बाकी।
हम सब हैं भारत के वासी।
और देश हमारा भारत है।।

दुनिया कुछ भी कहे,
हमने सबकी सुन ली।
राह चाहे कठिन लगे,
अब तो हमने चुन ली।।
हमने दी है लाखों कुर्बानी।
वीर-प्रसविनी,यह देश अभिमानी।।
मां अम्बे के शेर हैं हम..!
मईया खडग खप्पर धारी।
चलो आतंक को मिटा दे
अस्त्र दुश्मन पर हों भारी।
दुर्गा केसरी..
भारत है।
शमशेर हमारा..
भारत है।
यह आर्यावर्त…
भारत है।
हम सब हैं भारत के वासी।
और देश हमारा भारत है।
-शम्भु प्रसाद
एक वर्ष पहले
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