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जन जन में क्रांति हो

Shalu Verma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जन जन में क्रांति हो
        
                                                    
                            
ये हमने ठानी हैं
हर इक दिल में
नव ज्योति जलानी है
जन जन साक्षर हो
यह अभियान चलाना है
हर जगह एक सुलभ शौचालय
भी बनवाना है
न डालें कहीं कोई कूड़ा
न हो कहीं कोई गंदगी
स्वच्छ भारत अभियान की
मुहिम तेज बढ़ानी है
नई तकनीक नये विचार
सबके दिल में जगाने है
भारत हो सबसे आगे खड़ा
विश्व में नई साख बनानी है
इतिहास प्रसिद्ध है भारत का
तो वर्तमान भी नया होगा
हर कोई लोहा मानेगा हमारा
ऐसा यहां का धरातल होगा

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 
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8 वर्ष पहले
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