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बदलाव की उम्मीद

Shalu Maurya

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बहुत सारी जो बातें हैं वो भी खुद को स्वीकार करनी हैं,
        
                                                    
                            
बहुत सारे हृदय के दर्द हैं जो खुद को अभी समझाना है।
मेरे पास समय बहुत भी कम है और उम्मीदें बहुत है,
और इस जीवन के पड़ाव में रिश्तें भी छूट गए हैं

और अब बस एक छोटा-सा कमरा है,
जिसमें कलम और किताबों का भंडार है
जहाँ छत का पंखा पूरी रफ़्तार से चलता रहता है।
हर सुबह जब मैं थके हुए शरीर के साथ उठती हूँ,
तो भविष्य पहले से ही मेरा इंतज़ार कर रहा होता है।

वह मुझे यही समझाता है कि
मुझे उदासी और निराशा से बचना है,
थकान और हताशा से भी,
दूसरों से जलने और जल्दबाज़ी करने से भी।

मुझे दिखावा नहीं, सच्चाई के साथ जीना है,
भले ही आगे चलकर यह और कठिन हो जाय।

आस-पास का माहौल, पड़ोस और शहर
मुझे भटकाने की कोशिश करेंगे,
लेकिन मुझे नफ़रत नहीं करनी है,
हर हाल में अपना विश्वास बनाए रखना है।

वैसे तो मैं हार मानने वाली भी नहीं हूँ
हालात में आज भी बदलाव की गुंजाइश है,
और मुझे विश्वास है कि मैं उसे पूरा करूंगी
और फिर अपनी मंजिल तक पहुँचूँगी
— संजू मौर्या 
एक घंटा पहले
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