भूले से उदास चेहरे पे हँसी लाया न करो,
दिल में छुपा दर्द यूँ सामने लाया न करो।
सीने में लगी आग अपने अश्कों से बुझा,
उदासी को तबस्सुम से सजाया न करो।
लम्हा भर को चेहरा रौशन करने के लिए,
आतिश-ज़दा दिल और जलाया न करो।
तुम्हें देख के हाल बे-हाल हुआ जाता है,
हमें बे-वजह इस तरह सताया न करो।
टूटा हो दिल का सितार तो दर्द भरे नग़्मे,
प्यार की धुन पे ऊँचे सुर में गाया न करो।