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उसे आँसुओं से हमने सजाया है

Shahana Parveen

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम क्या जानो,
        
                                                    
                            
कितनी आधियों को हमने झेला है
कितने तूफ़ानों से हम गुज़रे हैं,
जो चेहरे पर आज सुकून दिखता है,
उसे आँसुओं से हमने सजाया है।
-शाहाना परवीन 'शान'
3 महीने पहले
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