भाई के हाथों में बहना का प्यार
कितना अनोखा देखो ये त्योहार
रूठी है बहना नेग दिवा दो
भइया कहे मोहे तिलक लगा दो
मम्मी ओ पापा करें मनुहार
कितना सलोना ये त्योहार
रस की फुहारें रिम झिम रिम झिम
भाई बहन की कलह कमसिन
जिस में मुहब्बत बड़ी आधार
कितना सलोना ये त्योहार
आज सुनेगा बहन की भाई
ख़ूब जमेगी दूध मलाई
यूं तो है बहना को शिक़वे हज़ार शिक़वे हज़ार
कितना अनोखा ये त्योहार
बहन ने धागा प्यार से बांधा
सुख दुख साझा आधा आधा
फूले फले शाह ये संसार
कितना सलोना ये त्योहार
शहाबउद्दीन शाह क़न्नौजी
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