मुझे चाँद नहीं बनाना
और नहि गुलाब का फूल
मुझे बनाना है सूरज के जैसा
गुलाब की टहनी है जैसा
मुझे नही बनना तोते जैसा
मुझे बनना है खुले आकाश उड़ते
पंछी की तरह