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मुझे अपनी उड़ान खुद चुननी है

                
                                                         
                            मुझे चाँद नहीं बनाना
                                                                 
                            
और नहि गुलाब का फूल
मुझे बनाना है सूरज के जैसा
गुलाब की टहनी है जैसा
मुझे नही बनना तोते जैसा
मुझे बनना है खुले आकाश उड़ते
पंछी की तरह
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3 घंटे पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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