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फ़नकार की मौत इश्क़बाजों शाया हो

Shabana K

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरी आख़िरी सांस हो और चेहरे पे तेरी ज़ुल्फ़ों का साया हो
        
                                                    
                            
क्या खूब मंज़र हो फ़नकार की मौत इश्क़बाज़ों में शाया हो


- शबाना के आरिफ़
स्वलिखित रचना

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