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तिरंगे को झुकने न दो

SATYENDRA KUMAR

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हर घर में
        
                                                    
                            
घर घर में
शहर शहर में
हर छत पर
अवनी और अंबर पर
नगर नगर में
डगर डगर में
तिरंगे को फहराओ
तिरंगे को लहराओ
तिरंगे में छुपी है मेरी जान
तिरंगा है हिंदुस्तान का शान
तिरंगा है हमारा निशान
तिरंगे को झुकने न देना
तिरंगे के लिए दे देना
हंसते हंसते अपना प्राण
है इससे हमारी पहचान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक दिन पहले
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