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पर्वत की ऊँचाई

Satyam Vaidya

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पर्वत की ऊँचाई को पाना
        
                                                    
                            
किसी एक कदम की बात नहीं।
यह उन सैकड़ों कदमों की
असफलता का जोड़ है,
जिन्होंने स्वयं को शिखर पर
स्थापित करना चाहा था।
असफलताओं, निंदाओं और
लज्जा के बोझ से जब तुम्हारे
कन्धे झुक जाएँगे,
पांव डगमगाएंगे भी शायद।
पर जब तुम उस शिखर पर
अपने कदम रख दोगे,
तब संसार उन सैकड़ों कदमों
की कहानियाँ सुनाएगा।
और अमर कर देगा उनको।
3 महीने पहले
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