विज्ञापन

जहां पर जाकर सूकून मिलता है

Satyam Mishra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जहां पर जाकर सूकून मिलता है
        
                                                    
                            
उसे घर कहते हैं,
अगर घर पर भी सुकून नही है
तो वह घर नही
बल्कि
कुछ लोग
कुछ दीवारें
कुछ कमरे
कुछ छत
कुछ प्लास्टर
कुछ कुर्शिया
और कुछ सामानों का
समूह मात्र है
5 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Deepak Narang

295 कविताएं

View Profile

Aalam-e-Ghazal Parvez

285 कविताएं

View Profile