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बदलाव

Sasmita Panda

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सब बोलते हें मुझे की तुम बदल गयी हो,
        
                                                    
                            
अब तुम सब से दूर - दूर रहने लगी हो।।

मैंने भी कहा , हाँ मैं बदल गयी हूँ ,
मैं बदल गयी हूँ उन सब के लिए जिनको मेरा प्यार सच्चा न लगा
मेरा अपनापन अच्छा न लगा।।

छोड़ दिया हें मैंने रिश्तो को संभालना ,
छोड़ दिया हें मैंने सबके पीछे भागना।।

छोड़ दिया हें मैंने बेमतलब रूठे हुए को मनाना,
छोड़ दिया हें मैंने बिना गलती के खुद को झुकाना।।

छोड़ दिया हें मैंने सबके ऊपर प्यार लुटाना,
छोड़ दिया हें मैंने सारे रिश्तो का बोझ अकेले उठाना।।

छोड़ दिया हें मैंने सबके लिए सोच परेशान होना,
छोड़ दिया हें मैंने बिन बोले सबका मन जानना।।

छोड़ दिया हें मैंने किसीके एक बुलावे पे पहुँचजाना ,
छोड़ दिया हें मैंने चोट खाने पर भी मुसकुरा देना।।

छोड़ दिया हें मैंने सबकी गलती नज़रअंदाज़ करना ,
छोड़ दिया हें मैंने सबके हाँ में हाँ मिलाना।।

छोड़ दिया हें मैंने बिन पूछे दिल का हाल सुनाना,
छोड़ दिया हें मैंने सबको खुश रखना।।

क्यूंकि सीख लिया है मैंने खुद को प्यार करना ।।
12 घंटे पहले
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