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जब वक़्त के इस खेल में, तुम्हें खुद को साबित कर दिखाना है

SARYU PRASAD

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            समय बदला तो इंसानों की फितरत भी बदल गई,
        
                                                    
                            
जो कल तक सगे थे, आज उनकी नीयत बदल गई।
वक्त के तराजू में जब तौला गया रिश्तों को,
तो दावों की हकीकत और वफा की कीमत बदल गई।

पर तुम निराश न होना इस बदलते दौर को देखकर,
समय की ठोकर ही तो असली इंसान बनाती है।
जो गिरकर संभल जाता है वक़्त के थपेड़ों में,
उसी की मेहनत आगे चलकर इतिहास रचती है।

ख़त्म हो जाती कहानी इस संसार से,
अगर इंसान हार मान लेता वक्त की मार से।
पर जो डटा रहा समंदर की लहरों के सामने,
वही पार उतरा है कश्ती को लेकर पतवार से।

मिट जाते हैं वो जो हालातों से डर जाते हैं,
इतिहास वही रचते हैं जो मरकर भी अमर हो जाते हैं।
हौसला बुलंद रख, ये मुश्किल दौर भी गुज़र जाएगा,
तेरी मेहनत का फल एक दिन इस जहाँ में रंग लाएगा।

वक़्त को अपना हमसफ़र बना लो, गिला छोड़ दो,
बीते कल को भूलकर, आने वाले कल से नाता जोड़ लो।
समय आज भी तुम्हारा है, अगर तुम जाग जाओ,
इस बहती धारा का रुख अपनी ज़िद्द से मोड़ लो।

उठो, हौसला रखो, किस्मत खुद झुक जाएगी,
तुम कर्म करो सच्चे दिल से, तकदीर बदल जाएगी।
ये मुश्किलें तो बस इम्तिहान हैं तेरी ताकत का,
लड़ोगे जो डटकर, तो ये मुश्किलें भी थम जाएँगी।

ना थको कभी, ना रुको कभी, बस आगे बढ़ते जाना है,
जो खो गया अंधेरों में, उसे फिर से पाकर दिखाना है।
सूरज की तरह चमकोगे तुम भी एक दिन इस जहाँ में,
जब वक़्त के इस खेल में, तुम्हें खुद को साबित कर दिखाना है"
2 घंटे पहले
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